रुपये में आज लगातार पांचवें सत्र में गिरावट जारी रही और दोपहर के कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले यह गिर कर 64.52 प्रति डॉलर के स्तर पर चला गया था। रिजर्व बैंक द्वारा नकदी बढ़ाने के उपायों की कल घोषणा के बाद यह गिरावट हुई है।
तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 340.13 अंक या 1.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,905.91 अंक पर बंद हुआ। पिछले करीब एक साल में यह पहला मौका है जब सेंसेक्स 18,000 से नीचे आया है।
सेंसेक्स में आज शुरुआती कारोबार के दौरान अच्छी शुरुआत हुई और यह 321 अंक चढ़कर 18,567.70 अंक पर पहुंच गया। लेकिन, बाद में यह स्तर बरकरार नहीं रह पाया। एक समय यह लुढ़ककर 17,807.19 अंक तक चला गया था।
पिछले चार दिनों में सेंसेक्स 1461.13 अंक नीचे आ चुका है। इसी प्रकार, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 98.90 अंक या 1.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,302.55 अंक पर बंद हुआ।
एमसीएक्स-एसएक्स का प्रमुख सूचकांक एस एक्स 40 सूचकांक 211.32 अंक या 1.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,618.44 अंक पर बंद हुआ। कारोबारियों के अनुसार अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नकदी प्रवाह बढ़ाने का कार्यक्रम शीघ्र वापस लिए जाने की आशंका के बीच रुपये में फिर गिरावट हुई जिसका असर शेयर बाजार पर पड़ा।
कोटक सिक्योरिटीज में प्राइवेट क्लाइंट ग्रुप रिसर्च के उपाध्यक्ष संजीव जारबाडे ने कहा, ‘सूचकांक में शामिल प्रमुख शेयरों की बिकवाली से यह गिरावट हुई है। रुपये की विनिमय दर में कमी के साथ यह गिरावट हुई है।’
भारती एयरटेल, सन फार्मा, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, आईटीसी तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं भेल, एचडीएफसी तथा एचडीएफसी बैंक लाभ में रहे। सूचकांक में गिरावट में आईटीसी तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज का संयुक्त रूप से योगदान 176 अंक का रहा। धातु, तेल एवं गैस, रीयल्टी तथा एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
केवल बैंक तथा उपभोक्ता टिकऊउ क्षेत्र ऐसे हैं जहां लाभ दर्ज किया गया। रिजर्व बैंक के कल के कदम से बैंक शेयरों को फायदा हुआ।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। हांगकांग, सिंगापुर तथा दक्षिण कोरियाई बाजारों में जहां गिरावट का रुख रहा, वहीं चीन तथा जापान में तेजी दर्ज की गई।
यूरोप में फ्रांस, जर्मनी तथा ब्रिटेन के शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। घरेलू बाजार में सेंसेक्स के 30 शेयरों में 25 शेयर नुकसान में रहे। इसमें भारती एयरटेल (6.31 प्रतिशत), सन फार्मा (4.92 प्रतिशत), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.81 प्रतिशत), आईटीसी (4.8 प्रतिशत), रिलायंस इंडस्ट्रीज (4.72 प्रतिशत), एनटीपीसी (4.26 प्रतिशत), तथा हिंडाल्को (4.21 प्रतिशत) शामिल हैं।
लाभ में रहने वाले शेयरों में भेल (3.15 प्रतिशत), एचडीएफसी (2.83 प्रतिशत) तथा एचडीएफसी बैंक (1.61 प्रतिशत) शामिल हैं।