यह ख़बर 05 जून, 2013 को प्रकाशित हुई थी

‘लेखा-जोखा के पुनर्निर्धारण के बारे में निवेशकों को सूचित करें कंपनियां’

खास बातें

  • कंपनियों के अंकेक्षकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई करने का कंपनियों को निर्देश देते हुए बाजार नियामक सेबी ने लेखा-जोखा में किसी भी तरह के बदलाव के बारे में उन्हें निवेशकों को सूचित करने को कहा है।
मुंबई:

कंपनियों के अंकेक्षकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई करने का कंपनियों को निर्देश देते हुए बाजार नियामक सेबी ने लेखा-जोखा में किसी भी तरह के बदलाव के बारे में उन्हें निवेशकों को सूचित करने को कहा है।

इससे पहले सेबी ने पिछले साल अगस्त में दिशा-निर्देश जारी किया था जिसमें सूचीबद्ध कंपनियों को एक अलग ‘पात्र वार्षिक लेखा रिपोर्ट’ में अंकेक्षकों द्वारा उठाए गए मुद्दों का उल्लेख कर ब्यौरा देने को कहा था।

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सेबी ने एक ‘पात्र अंकेक्षण समीक्षा समिति’ का गठन किया है जिसमें भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) और शेयर बाजार के अलावा अन्य क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति पात्र वार्षिक लेखा रिपोर्ट की समीखा और विश्लेषण करने के लिए गठित की गई है।