यह ख़बर 21 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सेबी ने शेयर बाजारों के लिए नए शेयरधारिता तथा संचालन नियम अधिसूचित किए

खास बातें

  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी ने शेयर बाजारों तथा अन्य बाजार ढांचागत संस्थानों के लिए स्वामित्व तथा संचालन संबंधी नए दिशा-निर्देशों को अधिसूचित कर दिया है।
मुंबई:

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी ने शेयर बाजारों तथा अन्य बाजार ढांचागत संस्थानों के लिए स्वामित्व तथा संचालन संबंधी नए दिशा-निर्देशों को अधिसूचित कर दिया है। इस कदम से जहां नए एक्सचेंज शुरू करने का रास्ता खुलेगा वहीं एक्सचेंज अन्य शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हो सकेंगे।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक मान्यता प्राप्त शेयर बाजार की न्यूनतम नेटवर्थ हर समय 100 करोड़ रुपये होनी चाहिए। साथ ही उसकी 51 फीसद हिस्सेदारी जनता के पास रहनी चाहिए।

इसके अलावा किसी भी भारतीय इकाई को निजी रूप या समूह के रूप में किसी भी शेयर बाजार में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 5 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखने की अनुमति नहीं होगी।

हालांकि, देश के शेयर बाजार, डिपाजिटरीज, बैंक, बीमा कंपनियां और सार्वजनिक वित्तीय संस्थान 15 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रख सकेंगे।

इन दिशानिर्देशों से नए शेयर बाजार खोलने का रास्ता खुलेगा। फिलहाल देश में दो राष्ट्रीय स्तर के एक्सचेंज बीएसई और एनएसई हैं। वहीं एमसीएक्स-एसएक्स इक्विटी खंड में कारोबार शुरू करने के लिए अनुमति का इंतजार कर रहा है। एमसीएक्स-एसएक्स को फिलहाल करेंसी वर्ग में ही कारोबार की अनुमति है।

सभी गैर भारतीय इकाइयों के लिए शेयर बाजारों में अलग-अलग हिस्सेदारी की सीमा 5 प्रतिशत होगी। कुल मिलाकर वे 49 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी नहीं रख सकते। इनमें से 26 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) तथा 23 प्रतिशत विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) के माध्यम से ली जा सकेगी।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

किसी भी एफआईआई को शेयर बाजार के अलावा किसी अन्य माध्यम से मान्यता प्राप्त एक्सचेंज में हिस्सेदारी लेने की अनुमति नहीं होगी।