यह ख़बर 08 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

सेबी का 103 करोड़ फंसा हैं डिफॉल्टरों के पास

खास बातें

  • बाजार नियामक सेबी को विभिन्न कंपनियों तथा व्यक्तियों से कुल मिलाकर 103 करोड़ रुपये से अधिक का अनिवार्य जुर्माना अभी वसूलना है।
मुंबई:

बाजार नियामक सेबी को विभिन्न कंपनियों तथा व्यक्तियों से कुल मिलाकर 103 करोड़ रुपये से अधिक का अनिवार्य जुर्माना अभी वसूलना है।  भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2010 के अंत तक ऐसे 864 मामले थे जिसमें जुर्माना जमा नहीं कराया गया था। इन मामलों में कुल 1,03,55,34,765 रुपये का जुर्माना बकाया था। सेबी ने इन मामलों में अधिनिर्णय 2002 से 2010 के दोरान जारी किए और सम्बद्ध पक्षों से जुर्माना राशि जमा कराने को कहा गया। लेकिन 31 दिंसबर 2010 तक यह राशि जमा नहीं कराई गई। आंकड़ों के अनुसार 13 चूककर्ताओं पर एक करोड़ रु. या अधिक का जुर्माना है। सबसे अधिक 15 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि राजकुमार बसंतानी पर है जिसमें आदेश नवंबर 2008 में जारी किया गया। इनके अनुसार यह जुर्माना राशि 10,000 रु. से लेकर एक करोड़ रुपये अधिक तक है।


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