खास बातें
- कई साल से घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की स्कूटर्स इंडिया बाजार में नये वाहन पेश करने की योजना बना रही है, ताकि अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके।
New Delhi: कई साल से घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की स्कूटर्स इंडिया बाजार में नये वाहन पेश करने की योजना बना रही है, ताकि अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके। स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड (एसआईएल) ने 2010-11 की अपनी सलाना रिपोर्ट में कहा गया है, कंपनी उत्पादों की बिक्री एवं उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न बाजार खंडों में मांग को पूरा करने के मकसद से कई नए उत्पादों के विकास विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है। हालांकि कंपनी ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि उत्पाद तिपहिया वाहन होंगे या फिर दो पहिया वाहन और इन्हें कब पेश किया जाएगा। कंपनी को पिछले नौ साल से घाटा हो रहा है और इसके बावजूद वह नये उत्पाद लाने की योजना बना रही है। कंपनी ने सालाना रपट में कहा कि उसने बीते वित्त वर्ष के दौरान अपने कर्मचारियों को 4.62 करोड़ रुपये के वेतन का भुगतान नहीं किया। इसके अलावा 31 मार्च, 2011 तक ऋण व केंद्र सरकार को ब्याज के भुगतान मद में 14.42 करोड़ रुपये भी नहीं चुकाए। कंपनी के ऑडिटरों ने कर्मचारियों तथा उनके वेतन के बारे में रपट में कहा है, कंपनी ने वेतन-भत्ता मद में 294.45 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया और पीएफ पेंशन मद में 167.53 लाख रुपये जमा नहीं कराए हैं, इस तरह से उसने संवैधानिक उल्लंघन किया है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि 2010-11 में उसके कर्मचारियों के साथ रिश्ते सद्भावपूर्ण नहीं रहे, क्योंकि वह उनकी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाई। रपट में कहा गया है, कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति के कारण कर्मचारियों की वेतन व सेवानिवृत्ति आयु संबंधी अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया जा सका। उल्लेखनीय है कि इस साल मई में मंत्रिमंडल ने कंपनी में सरकार की 95.38 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी थी।