खास बातें
- सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता दो कम्पनियों- एस्सार टेलीहोल्डिंग लिमिटेड और लूप टेलीकॉम लिमिटेड- की याचिका खारिज कर दी।
नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को दूरसंचार सेवा प्रदाता दो कम्पनियों- एस्सार टेलीहोल्डिंग लिमिटेड और लूप टेलीकॉम लिमिटेड- की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने दलील दी थी कि 2जी मामले की सुनवाई के लिए गठित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत उनके खिलाफ 2जी लाइसेंस एवं स्पेक्ट्रम के आवंटन में धोखाधड़ी के आरोपों पर सुनवाई नहीं कर सकती।
न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी तथा न्यायमूर्ति सुधांशु ज्योति मुखोपाध्याय की पीठ ने याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति मुखोपाध्याय ने कहा, "याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।"
एस्सार टेली होल्डिंग लिमिटेड, लूप टेलीकॉम लिमिटेड और विकास सर्राफ ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर कहा था कि 2जी मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालत उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत आरोपों पर संज्ञान नहीं ले सकती, क्योंकि इसका गठन भ्रष्टाचार निरोधक रोकथाम अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के लिए किया गया है।
दूरसंचार कम्पनियों ने दलील दी कि न्यायाधीश ओपी सैनी की विशेष अदालत को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत आरोपों की सुनवाई का अधिकार नहीं है।
कम्पनियों ने दलील दी कि धारा 420 के तहत उनके खिलाफ लगे आरोप दूरसंचार मंत्री ए. राजा तथा दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अदालती कार्यवाही के समान नहीं हैं, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं।