खास बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. को ठेका मजदूरी व्यवस्था खत्म करने तथा 136 कर्मचारियों को 5-5 लाख का मुआवजा देने का निर्देश दिया।
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) को ठेका मजदूरी व्यवस्था खत्म करने तथा 136 कर्मचारियों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। मुआवजे का आदेश इसलिए है, क्योंकि उन कर्मचारियों को अनुंबध खत्म होने के बाद कम पर नहीं रखा गया। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और एके पटनायक ने कहा कि 26 जुलाई, 2004 को जारी केंद्र की अधिसूचना के मुताबिक अनुबंध पर रखे के कामगारों को नियमित करना डायल के लिए बाध्यता है। कर्मचारी संघ द्वारा दायर याचिका पर न्यायालय ने कहा कि डायल पूरी ठेका मजदूरी व्यवस्था बंद करे। सरकारी अधिसूचना डायल के लिए बाध्यकारी है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के निजीकरण मतलब यह नहीं है कि केंद्र सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। पीठ ने हालांकि ट्रॉली वापस लाने वाले 136 श्रमिकों फिर से काम पर रखने का आदेश नहीं दिया, क्योंकि उनकी जगह दूसरों को रखा जा चुका है। न्यायालय की राय में अगर उन्हें फिर बहाल करने का अदेश दे दिया जाता है, तो एक बेतुकी हालत पैदा हो सकती है।