यह ख़बर 20 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

एसबीआई ने टीजर होम लोन योजना बंद की

खास बातें

  • एसबीआई ने अपनी टीजर रेट वाली आवास ऋण योजना बंद करने की घोषणा की है। एसबीआई एक मई से इस योजना को खत्म करेगा।
मुंबई:

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा चिंता जताए जाने के बीच देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी लुभावनी ब्याज दरों (टीजर रेट) वाली आवास ऋण योजना बंद करने की घोषणा की है। एसबीआई एक मई से इस योजना को खत्म करेगा। एसबीआई की ईजी होम लोन और एसबीआई एडवांटेज होम लोन (टीजर रेट) योजना का स्थान फ्लोटिंग ब्याज दरों की योजना लेगी। लुभावनी दरों के तहत एसबीआई पहले तीन साल के लिए 8 से 8.5 प्रतिशत के ब्याज पर आवास ऋण की पेशकश कर रहा है। रिजर्व बैंक ने उसकी इस योजना की कड़ी आलोचना की थी। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि इससे एसबीआई के आवास रिण पर आधारित संपत्तियों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। एसबीआई में हाल में प्रतीप चौधरी ने चेयरमैन का पद संभाला है। उनके पद संभालने के एक महीने के भीतर ही एसबीआई ने इस योजना को वापस लेने की घोषणा कर दी है। एसबीआई ने कहा कि अब उसके आवास ऋण पर ब्याज की दर रिण की राशि के अनुसार 9.5 से 10.25 प्रतिशत के बीच होगी। बैंक ने एसबीआई एडवांटेज कार लोन योजना भी पेश की है, जिसके तहत अधिकतम सात साल के लिए 10.75 प्रतिशत के ब्याज पर कर्ज मुहैया कराया जाएगा। एसबीआई ने टीजर लोन योजना को ऐसे समय वापस लिया है जब उसने अपनी ऋण की दरों को 0.25 प्रतिशत बढ़ा दिया है। इससे उसके तमाम कर्ज महंगे हो गए हैं। नई फ्लोटिंग दर योजना के तहत 30 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर ब्याज की दर 9.50 प्रतिशत होगी, जबकि 31 से 75 लाख रुपये के कर्ज पर 9.75 फीसद का ब्याज देना होगा। 75 लाख रुपये से अधिक के ऋण पर 10.25 प्रतिशत की ब्याज दर लागू होगी। एसबीआई ने लुभावनी दरों की आवास ऋण योजना को अगस्त, 2009 में शुरू किया था। रिजर्व बैंक द्वारा चिंता जताए जाने के बाद आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक ने अपनी टीजर लोन योजना को बंद कर दिया था।


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