एक्सिस बैंक के शेयर मंगलवार को बीएसई पर 869.10 रुपये पर कारोबार कर रहे थे.
नई दिल्ली: एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स (S&P Global Ratings) ने मंगलवार को एक्सिस बैंक (Axis Bank) के लिए अपनी क्रेडिट रेटिंग को स्थिर दृष्टिकोण के साथ बढ़ा दिया है. रेटिंग एजेंसी ने उम्मीद जताई कि निजी क्षेत्र का ऋणदाता अगले दो वर्षों में संपत्ति की गुणवत्ता को अच्छी स्थिति में बनाए रखेगा. एसएंडपी ने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि से उधारकर्ताओं की साख को समर्थन मिलना चाहिए. एजेंसी के अनुसार,एक्सिस बैंक का फंसा हुआ कर्ज या एनपीए मार्च 2023 के अंत तक कुल ऋण के मुकाबले घटकर 2.5-3 प्रतिशत तक आ सकता है, जो 31 मार्च 2022 को 3.7 प्रतिशत था.
इसके अलावा एसएंडपी ने कहा कि एक्सिस बैंक उच्च मुद्रास्फीति और ब्याज दरों के प्रभाव को खत्म कर सकता है. रेटिंग एजेंसी द्वारा एक्सिस बैंक की दीर्घकालिक और अल्पकालिक क्रेडिट रेटिंग को 'बीबी+/बी' से बढ़ाकर 'बीबीबी-/ए-3' कर दिया गया है. यह स्थिर दृष्टिकोण बैंक की मजबूत बाजार स्थिति, पर्याप्त पूंजी बफर और रिटेल डिपॉजिट बेस को दर्शाता है. यह दर्शाता है कि बैंक अगले दो वर्षों में भारत के बैंकिंग क्षेत्र में अपनी मजबूत बाजार स्थिति बनाए रखेगा. एसएंडपी ने कहा, एक्सिस बैंक भारत में स्थिर व्यापक आर्थिक स्थितियों और बैंक के सुविकसित जोखिम प्रबंधन द्वारा समर्थित अपनी अच्छी संपत्ति की गुणवत्ता को बनाए रखने में सक्षम होना चाहिए.
एजेंसी ने कहा कि छोटे और मझोले उद्यम क्षेत्र और कम आय वाले परिवार बढ़ती ब्याज दरों और उच्च मुद्रास्फीति की चपेट में हैं. हालांकि, मध्यम ब्याज दर वृद्धि के मामले में एक्सिस बैंक के लिए ये जोखिम प्रबंधनीय हैं. एसएंडपी ने कहा है कि अगले एक से दो वर्षों में एक्सिस बैंक के अपग्रेड होने की संभावना नहीं है, क्योंकि अपग्रेड के लिए बैंक की वित्तीय प्रोफाइल में सुधार के साथ-साथ भारत की सॉवरिन क्रेडिट रेटिंग में सुधार की आवश्यकता होगी.
एक्सिस बैंक के शेयर मंगलवार को बीएसई पर 869.10 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जो सोमवार को अपने पिछले बंद भाव 869.70 रुपये से 0.07 प्रतिशत की कमी में दर्शाता है.
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