खास बातें
- इस साल रुपये के मूल्य में 14 फीसदी तक गिरावट आ गई है और एशिया की सभी मुद्राओं में इसका सबसे खराब प्रदर्शन चल रहा है।
कोलकाता: भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि वह रुपये के अवमूल्यन पर रोक लगाएगा। रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने संवाददाताओं से कहा, "पिछले तीन महीनों में रुपये का अवमूल्यन चिंता का विषय है। यह विदेशों में हो रही गतिविधियों का नतीजा है। देश में पूंजी की आवक कम होने के कारण विदेशी बाजार में रुपये की विनिमय दर घट गई है।" इस साल रुपये के मूल्य में 14 फीसदी तक गिरावट आ गई है और एशिया की सभी मुद्राओं में इसका सबसे खराब प्रदर्शन चल रहा है। सुब्बाराव ने कहा कि रुपये का मूल्य बढ़ाने के लिए देश में पूंजी का प्रवाह बढ़ाया जाएगा। रिजर्व बैंक ने भारतीय बैंकों में प्रवासी भारतीयों द्वारा जमा की जाने वाली रकम पर ब्याज की ऊपरी सीमा बढ़ा दी है। साथ ही स्थानीय कम्पनियों को ऋण लेने में सुविधा देने के लिए भी ऋण पर ब्याज दर की सीमा बढ़ा दी है। उन्होंने कहा, "और भी कुछ जरूरी हुआ तो हम वह करेंगे।" रिजर्व बैंक ने कहा कि वह नीति के आधार पर यह तय करता है कि वह बाजार में हस्तक्षेप करेगा या नहीं। बैंक ने कहा, "हम विनिमय दर और आर्थिक अस्थिरता कम करने के लिए बाजार में हस्तक्षेप कर सकते हैं।" नकद आरक्षी अनुपात में कमी किए जाने की सम्भावना पर पूछे गए सवाल पर रिजर्व बैंक ने बगैर कुछ स्पष्ट किए कहा कि इसके लिए मध्य-तिमाही समीक्षा तक इंतजार करना चाहिए। बैंक 16 दिसम्बर को मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा।