खास बातें
- एसोचैम के सर्वेक्षण के अनुसार अधिकतर उपभोक्ता और किसान बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के पक्ष में हैं, वहीं 80 फीसद व्यापारियों ने इसका विरोध किया है।
नई दिल्ली: उद्योग मंडल एसोचैम के एक सर्वेक्षण के अनुसार अधिकतर उपभोक्ता और किसान बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के पक्ष में हैं, वहीं 80 फीसद व्यापारियों ने इसका विरोध किया है। एसोचैम ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई सहित दस प्रमुख शहरों में 2,000 लोगों के सर्वेक्षण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। इनमें किसान, उपभोक्ता और व्यापारी शामिल हैं। सर्वेक्षण में शामिल 90 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वॉल-मार्ट, टेस्को और कारफूर जैसे वैश्विक रिटेलरों के आने से बड़ी संख्या में ब्रांडेड उत्पाद उपलब्ध होंगे, जिससे उत्पादों के दामों को नीचे लाने में मदद मिलेगी। इसमें कहा गया है कि 75 प्रतिशत किसानों का मानना है कि इस क्षेत्र को खोले जाने से उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य पाने में मदद मिलेगी। वे सीधे रिटेल स्टोरों से संपर्क करेंगे। इससे मध्यस्थ की भूमिका खत्म हो जाएगी। इसमें कहा गया है कि कृषि के बैक एंड (शीत भंडार सुविधाएं आदि) और आपूर्ति श्रंखलाओं में आने वाले निवेश से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। इससे उपज की बर्बादी रुकेगी। हालांकि सर्वेक्षण में शामिल 82 प्रतिशत किराना दुकानदारों का कहना था कि बड़े स्टोर किराना दुकानदारों जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा सकते। इस तरह के स्टोर फ्री होम डिलिवरी के अलावा महीने भर का सामान रिण पर उपलब्ध कराते हैं।