नई दिल्ली: कर्ज में डूबी कंपनी रिलायंस कैपिटल (आरकैप) के ऋणदाताओं ने मंगलवार को होने वाली नई नीलामी को 11 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है. इस नीलामी में तीन कंपनियों दिलचस्पी दिखाई है. सूत्रों ने कहा कि दूसरे दौर की ऑनलाइन नीलामी में तीन कंपनियों के शामिल होने की मंशा जताने के बाद ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) ने बोलीकर्ताओं को अधिक समय देने का फैसला किया है. इसी वजह से चार अप्रैल को प्रस्तावित नीलामी 11 अप्रैल के लिए स्थगित कर दी गई है.
सूत्रों के मुताबिक, पहले सिर्फ इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (आईआईएचएल) ने ही दूसरे दौर की नीलामी में हिस्सा लेने की बात कही थी लेकिन बाद में टॉरेंट इन्वेस्टमेंट और सिंगापुर की ऑकट्री भी इस होड़ में शामिल हो गई हैं.
नए दौर की नीलामी के लिए सीओसी ने शुद्ध वर्तमान मूल्य पर 9,500 करोड़ रुपये का आधार मूल्य तय किया है.
उच्चतम न्यायालय ने कर्जदाताओं को दोबारा नीलामी करने की अनुमति दी हुई है. हालांकि, इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होने वाली है.
सूत्रों ने कहा कि सभी बोलीदाताओं ने ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता के प्रावधानों के अनुरूप कर्ज समाधान प्रस्ताव पेश करने को कहा है.
इसके पहले 21 दिसंबर को हुई ऑनलाइन नीलामी में टॉरेंट ने सर्वाधिक 8,640 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. दूसरे स्थान पर रही आईआईएचएल ने बाद में अपनी बोली को संशोधित करते हुए 9,000 करोड़ रुपये कर दिया था.
रिजर्व बैंक ने भुगतान में चूक और कामकाज से जुड़े गंभीर मुद्दों के आधार पर रिलायंस कैपिटल के निदेशक मंडल को नवंबर, 2021 में भंग कर दिया था. इसके साथ ही नागेश्वर राव वाई को कंपनी प्रशासक नियुक्त किया गया था.
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