खास बातें
- विभिन्न आधिकारिक एजेंसियों द्वारा आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाए जाने पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि यहां तक कि आईएमएफ जैसी बहुपक्षीय एजेंसियां भी ऐसा करती हैं।
नई दिल्ली: विभिन्न आधिकारिक एजेंसियों द्वारा आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाए जाने पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि यहां तक कि आईएमएफ जैसी बहुपक्षीय एजेंसियां भी ऐसा करती हैं।
एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, हम ऐसा करने वाले अकेले नहीं हैं। अगर आप पिछले तीन-चार सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर डालें तो पाएंगे कि आईएमएफ को वृद्धि दर का अनुमान घटाना पड़ा। मुझे लगता है कि यह छह मौकों पर अनुमान घटा चुका है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने चालू वित्तवर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.3 प्रतिशत कर दिया। पूर्व में उसका 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान था। रिजर्व बैंक ने भी चालू वित्तवर्ष के लिए वृद्धि दर का अनुमान 5.7 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया था।