खास बातें
- भारतीय बैंकिंग तंत्र तथा पूंजी बाजार में ईरानी धन के प्रवाह को रोकने के लिए रिजर्व बैंक और सेबी जल्द नई चेतावनी जारी करेंगे। इसमें वे अपने दायरे में आने वाली इकाइयों को ईरानी संपर्कों वाली इकाइयों और कोषों से सजग रहने को कहेंगे।
नई दिल्ली: भारतीय बैंकिंग तंत्र तथा पूंजी बाजार में ईरानी धन के प्रवाह को रोकने के लिए रिजर्व बैंक और सेबी जल्द नई चेतावनी जारी करेंगे। इसमें वे अपने दायरे में आने वाली इकाइयों को ईरानी संपर्कों वाली इकाइयों और कोषों से सजग रहने को कहेंगे।
यह चेतावनी अगले कुछ दिन में जारी होने की उम्मीद है। ईरान पर वैश्विक अंतर सरकारी एजेंसी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा पिछले महीने मनी-लांड्रिंग और आतंकवाद के वित्त पोषण पर दिशा-निर्देशों के आधार पर यह चेतावनी जारी की जाएगी।
अपने परमाणु कार्यक्रम तथा संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों की वजह से ईरान को लगातार अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि भारत और कुछ अन्य देशों को ईरान से तेल आयात जैसे मामलों में इन प्रतिबंधों से छूट मिली हुई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत चूंकि एफएटीएफ का सदस्य है इसलिए वह उसके द्वारा जारी वैश्विक चेतावनी को काफी गंभीरता से लेता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने ईरान के बारे में मिले मशविरे को रिजर्व बैंक और सेबी के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा है। एफएटीएफ ने हाल में मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की है।
भारत में वित्तीय गतिविधियों का अधिकांश नियमन रिजर्व बैंक और सेबी द्वारा किया जाता है। एफएटीएफ मनी-लांड्रिंग रोकने तथा आतंकवाद के वित्तपोषण की गतिविधियों पर अंकुश के लिए मानक तय करने वाली वैश्विक एजेंसी है। उसने ईरान की पहचान ऐसे ठिकाने के रूप में की है जिससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को जोखिम हो सकता है।
आईएटीएफ द्वारा पिछले महीने जारी ताजा चेतावनी के अनुसार भारत और अन्य सदस्य देशों को ईरान और उत्तरी कोरिया से आने वाले मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के लिए धन के प्रवाह के जोखिमों से निपटने के लिए बचाव उपाय करने चाहिए।
एफएटीएफ विशेष रूप से आतंकवाद के लिए धन की के प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को गंभीर जोखिम से बचाने के लिए सुझाए गए उपाय करने में ईरान की विफलता से चिंतित है।
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।