खास बातें
- रिजर्व बैंक ने मार्च में समाप्त होने जा रहे चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर का अपना पूर्वानुमान 5.8 फीसदी की जगह आज 5.5 फीसदी कर दिया।
मुंबई: रिजर्व बैंक ने मार्च में समाप्त होने जा रहे चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर का अपना पूर्वानुमान 5.8 फीसदी की जगह आज 5.5 फीसदी कर दिया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि मुद्रास्फीति का जोखिम अब कुछ कम हुआ है और ऐसे में आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट को रोकने की पहल आवश्यक हो गई थी।
बैंक ने आर्थिक वद्धि के जोखिम को कम करने के लिए वृद्धि अपनी नीतिगत ब्याज दरों (रेपो और रिवर्स रेपो तथा बैंक दर) और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) चौथाई चौथाई प्रतिशत नीचे कर दी है।
रिजर्व बैंक ने आज तीसरी तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, सरकार की नीतिगत पहलों बाजार का उत्साह बढ़ा है पर निवेश में नरमी के रुख में बदलाव और आर्थिक वृद्धि की मजबूती में थोड़ा वक्त लग सकता है। रिजर्व बैंक द्वारा आज पेश 5.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान सरकार के 5.7 फीसदी के अनुमान से कम है और यह एक दशक की सबसे कम वृद्धि दर हो सकती है।
केंद्रीय बैंक ने अक्तूबर में चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया गया था, जबकि इससे पहले जुलाई में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5 रहने का अनुमान जताया गया था। पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि 6.5 प्रतिशत थी।
आरबीआई ने कहा, वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश में मजबूत और निरंतर सुधार आवश्यक है। साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा है कि वृद्धि दर बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी दूर करना, परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी और सरकार के काम-काज में सुधार आवश्यक होगा।