खास बातें
- रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव यह नहीं बता सके कि ब्याज दरों में कटौती कब शुरू होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि नकदी की तंगी नहीं होने दी जाएगी।
Mumbai: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव यह नहीं बता सके कि ब्याज दरों में कटौती कब शुरू होगी। हालांकि, उन्होंने इस बात का आश्वासन जरूर दिया कि आर्थिक तंत्र में नकदी की तंगी नहीं होने दी जाएगी। मध्य तिमाही समीक्षा जारी होने के बाद भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान (आईसीएआई) के कार्यक्रम में सुब्बाराव ने कहा, हमने मुद्रास्फीति की स्थिति और आर्थिक वृद्धि में नरमी पर गौर किया। फिलहाल हमने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। बहरहाल, हम खुले बाजार परिचालन के जरिये नकदी की स्थिति को व्यवस्थित रखेगें, लेकिन इस मौके पर मैं यह नहीं कह सकता कि हम ब्याज दरों में कटौती कब शुरू करेंगे। रिजर्व बैंक ने मध्य तिमाही समीक्षा में रेपो, रिवर्स रेपो, सीआरआर और एसएलआर जैसी नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। मार्च, 2010 के बाद से 13 बार रेपो और रिवर्स रेपो दर बढ़ाते रहने के बाद पहली बार इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया। रुपये में लगातार गिरावट पर सुब्बाराव ने कहा, इसका मुद्रास्फीति पर असर होगा और इस बारे में हमने समीक्षा में कहा है। बैंक ने कहा है कि वह स्थिति पर नजदीकी से नजर रखे हुए है और जब भी उचित होगा कदम उठाएगा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में पिछले दिनों भारी गिरावट दर्ज की गई। कल ही कारोबार के दौरान एक समय डॉलर के मुकाबले रुपये 54 तक गिर गया था। हालांकि, कल शाम रिजर्व बैंक के गिरावट थामने के लिए उठाए गए कदम से आज स्थिति कुछ संभली है।