खास बातें
- भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि 16 दिसम्बर को वह मध्य तिमाही समीक्षा में अपना अद्यतन विचार पेश करेगा।
कोलकाता: भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्तमान कारोबारी साल के आखिर तक महंगाई दर के सात फीसदी आने के पूर्वानुमान में रुपये के अवमूल्यन और तेल मूल्यवृद्धि का भी ध्यान रखने का जिक्र करते हुए गुरुवार को कहा कि 16 दिसम्बर को वह मध्य तिमाही समीक्षा में अपना अद्यतन विचार पेश करेगा। रिजर्व बैंक के बोर्ड की बैठक के बाद गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा, "हमने आवश्यक गुणा भाग कर लिया है। अगस्त माह से रुपये में 14 फीसदी गिरावट आ चुकी है और निश्चित रूप से अवमूल्यन का महंगाई में योगदान है। हम 16 दिसम्बर को इस सम्बंध में और भी स्पष्ट घोषणा करेंगे।" उन्होंने कहा, "लेकिन अभी तक रुपये के अवमूल्यन और तेल की कीमतों को देखते हुए मार्च 2012 तक महंगाई दर के सात फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है।" रुपये का अवमूल्यन रोकने के बैंक की ओर से किए गए प्रयास के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह इस बारे में नहीं कह सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक का आंकड़ा जारी होने पर सब पता चल जाएगा और यह आंकड़ा दो माह की देरी से जारी किया जाता है। दो सप्ताह पहले रुपये की कीमत प्रति डॉलर 52.73 रुपये हो गई थी।