यह ख़बर 24 जनवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

रिजर्व बैंक के कदम से आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी : प्रणब

खास बातें

  • वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि रिजर्व बैंक के सीआरआर में 0.5 प्रतिशत की कटौती के निर्णय से नकदी की स्थिति में सुधार के साथ आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
नई दिल्ली:

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि रिजर्व बैंक के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.5 प्रतिशत की कटौती के निर्णय से नकदी की स्थिति में सुधार के साथ आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी और इससे मुद्रास्फीति भी नहीं बढ़ेगी। रिजर्व बैंक के इस कदम से बैंकों के पास 32,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी होगी।

मुखर्जी ने कहा, ‘रिजर्व बैंक की घोषणा से मुद्रा बाजार में नकदी की समस्या दूर होनी चाहिए। पिछले दो-तीन महीने से नकदी की स्थिति तंग थी..इससे आर्थिक वृद्धि के नीचे जाने का जोखिम कम होने के साथ मुद्रास्फीति में और नरमी आएगी।’ उन्होंने कहा, ‘बैंकों के पास कर्ज देने के लिये अब ज्यादा पैसा होगा। मुद्रास्फीति दबाव के कारण उन्होंने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया..मैं रिजर्व बैंक के निर्णय का स्वागत करता हूं।’ रिजर्व बैंक ने आज मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में सीआरआर 0.5 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया।

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बहरहाल, वित्त मंत्री ने रिजर्व बैंक के कदम से ब्याज दरों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। रिजर्व बैंक के राजकोषीय घाटा के बारे में की गयी टिप्पणी के बारे में मुखर्जी ने कहा कि सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है और 2012-13 के बजट में इस बारे में घोषणा की जाएगी। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उच्च राजकोषीय घाटा के कारण वह ब्याज दरों में कटौती नहीं कर पा रही है।