यह ख़बर 19 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

इस साल ब्याज दरें एक फीसद घटा सकता है रिजर्व बैंक : सिटी

खास बातें

  • भारत में महंगाई की दर अगले कुछ माह में 6.5 से 7.6 फीसद के बीच रहने की संभावना है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक 2012 के दौरान ब्याज दरों में एक प्रतिशत की कटौती कर सकता है।
नई दिल्ली:

भारत में महंगाई की दर अगले कुछ माह में 6.5 से 7.6 फीसद के बीच रहने की संभावना है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक 2012 के दौरान ब्याज दरों में एक प्रतिशत की कटौती कर सकता है। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी सिटीग्रुप ने यह अनुमान लगाया है।

सिटी इन्वेस्टमेंट रिसर्च एंड एनालिसिस ने अपनी ताजा रिपोर्ट ‘इंडिया मैक्रो फ्लैश’ में कहा है, ‘मजबूत आधार प्रभाव की वजह से अगले कुछ माह में सकल मुद्रास्फीति की दर 6.5 से 7.6 प्रतिशत के दायरे पर रहेगी। पिछले दो साल में महंगाई की दर का स्तर 9 प्रतिशत से अधिक रहा है।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल मुद्रास्फीति में गिरावट और इसके साथ ही वृद्धि में भी गिरावट जैसे कारणों से रिजर्व बैंक 2012 में रेपो दरों में कम से कम एक प्रतिशत की कटौती कर सकता है।’ हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक दरों में कटौती का सिलसिला अप्रैल से ही शुरू करेगा। सिटी ने कहा, ‘रिजर्व बैंक का कहना है कि ब्याज दरों में कितनी और कब कटौती की जाएगी, यह वित्तीय एकीकरण पर निर्भर करता है, ऐसे में हमें उम्मीद है कि रेपो दरों में कटौती 16 मार्च को पेश होने वाले बजट के बाद ही की जाएगी।’ रिजर्व बैंक 17 अप्रैल को मौद्रिक नीति की सालाना समीक्षा पेश करेगा।

मार्च, 2010 से अक्तूबर, 2011 के बीच, रिजर्व बैंक ने मुख्य नीतिगत दरों में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया था। महंगाई की दर जनवरी में घटकर 26 माह के निचले स्तर 6.55 प्रतिशत पर आ गई। उसके बाद रिजर्व बैंक ने संकेत दिया कि यदि महंगाई कुछ और समय तक निचले स्तर पर बनी रहती है, तो वह ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। सिटी ने कहा है कि तरलता की सख्त स्थिति को देखते हुए मार्च में पेश होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा में नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में और कटौती हो सकती है।

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रिजर्व बैंक ने पिछले महीने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में सीआरआर में आधा फीसद की कटौती की थी। इससे बैंकों के पास कर्ज के रूप में देने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध हुई थी। सिटी की रिपोर्ट में हालांकि सतर्क किया गया है कि निकट भविष्य में महंगाई की दर रिजर्व बैंक के 4 से 5 प्रतिशत के संतोषजनक स्तर के अनुमान से ऊपर बनी रह सकती है।