खास बातें
- आरबीआई ने कहा कि भारतीय कंपनियों के लिए अपने रिणों को चुकाना कठिन हो सकता है क्योंकि बढ़ती लागत से उनके लाभ मार्जिन पर दबाव बन रहा है।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि भारतीय कंपनियों के लिए अपने रिणों को चुकाना कठिन हो सकता है क्योंकि बढ़ती लागत से उनके लाभ मार्जिन पर दबाव बन रहा है। केंद्रीय बैंक ने वित्तीय स्थिरता रपट (एफएसआर) में यह बात कही है। इसके अनुसार, कंपनियों के दृष्टिकोण पत्र (आउटलुक) में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं जिसका कारण लागत कीमत, ब्याज दर में उछाल, मांग में कमी तथा कुछ ढांचागत बाधाओं को माना जा सकता है। इसके अनुसार ऐसे में इन कंपनियों द्वारा ऋणों का भुगतान 'दबाव' में आ जाएगा। रपट में कहा गया है कि कारपोरेट क्षेत्र के लाभ मार्जिन में कमी आई है जो कच्चे माल व खर्च लागत में वृद्धि के मद्देनजर इनकी घटती कीमत (प्राइसिंग) शक्ति को दर्शाता है।