यह ख़बर 11 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

रिजर्व बैंक ने दी निर्यातकों को राहत, ऋण सस्ता

खास बातें

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने निर्यात ऋण पर दो फीसद ब्याज सब्सिडी की घोषणा की ताकि उन्हें अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों की मंदी से बचाया जा सके।
नई दिल्ली/मुंबई:

भारतीय रिजर्व बैंक ने श्रम प्रधान और लघु उद्योगों के लिए रुपये में निर्यात ऋण पर दो फीसद ब्याज सब्सिडी की घोषणा की ताकि उन्हें अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों की मंदी से बचाया जा सके। आरबीआई ने कहा कि हस्तशिल्प, हथकरघा और कालीन निर्यातकों को ब्याज संबंधी सहायता मिलेगी जो 31 मार्च 2012 तक उपलब्ध होगी। सभी क्षेत्रों में लघु और मध्यम उपक्रम क्षेत्र के निर्यातकों को सस्ती दर पर बैंक ऋण उपलब्ध होगा बशर्ते कि न्यूनतम ब्याज दर सात फीसद हो। बैंकों को दिए गए निर्देश में आरबीआई ने कहा कि सरकार ने इस योजना की समय सीमा चार श्रेणी के निर्यातकों के लिए अप्रैल 2011 से बढ़ाकर मार्च 2012 कर दी है। आरबीआई ने कहा, बैंक यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि इसका फायदा पूरी तरह योग्य निर्यातकों को ही मिले। निर्यातकों को राहत देने का फैसला ऐसे दिन हुआ है जब उच्च स्तरीय व्यापार बोर्ड ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और यूरोप के ऋण संकट से पैदा स्थिति की समीक्षा की। वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाले व्यापार बोर्ड जिसमें जाने-माने उद्योगपति भी शामिल हैं, ने मुद्रा के उतार-चढ़ाव, डालर में ऋण की उपलब्धता और ऊंची ब्याज दर जैसे मुद्दे पर चर्चा की। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त की अवधि में देश का निर्यात कारोबार हालांकि 54 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन आगे स्थिति चुनौती भरी दिखाई देती है।


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