खास बातें
- रिजर्व बैंक ने कहा है कि वह आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कमी के कारण बढ़ी महंगाई पर नियंत्रण के मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता।
मुंबई: निकट भविष्य में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पाने को लेकर रिजर्व बैंक ने एक तरह से हाथ खड़े कर दिए हैं। रिजर्व बैंक ने कहा है कि वह आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कमी के कारण बढ़ी महंगाई पर नियंत्रण के मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव ने बेसल में केन्द्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा, 'जैसा कि सभी को पता है आपूर्ति दबाव से उत्पन्न मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के मामले में मौद्रिक नीति निष्प्रभावी हथियार है।' उन्होंने कहा कि भारत में मुद्रास्फीति आमतौर पर आपूर्ति पक्ष के कमजोर पड़ने से बढ़ती है जो कि आमतौर पर मौद्रिक नीति की पकड़ से बाहर होती है। इन परिस्थितियों में निकट भविष्य में रिजर्व बैंक से मुद्रास्फीति लक्ष्यों को हासिल करने की उम्मीद रखना उचित नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक मार्च 2010 के बाद से अब तक अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दरों में नौ बार वृद्धि कर चुका है। मुद्रास्फीति अब भी आठ प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। मुद्रास्फीति की मुख्य दर मार्च में 8.98 प्रतिशत तथा खाद्य मुद्रास्फीति 16 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 8.76 प्रतिशत थी।