खास बातें
- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपने सलाना आर्थिक समीक्षा में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कुछ नए कदम उठा सकता है।
कोलकाता: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपने सलाना आर्थिक समीक्षा में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कुछ नए कदम उठा सकता है। आरबीआई के एक कार्यक्रम में यहां सोमवार को डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ ने संवाददाताओं से कहा, "जल्द ही हमारी एक अपनी नीति होगी। महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है और हमें अपने कदमों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति का असर होने में 12 से 18 महीने लगते हैं। गोपीनाथ ने कहा कि मौजूदा महंगाई का दबाव खाद्य वस्तुओं और निर्माण क्षेत्र में उच्च महंगाई के कारण है। उन्होंने कहा, "हमें इस स्थिति का विश्लेषण कर यह तय करना होगा कि मांग और पूर्ति में अंतर नहीं हो।"