खास बातें
- यात्री वर्ग में करीब 20,000 करोड़ रुपये के घाटे में चल रही रेलवे आगामी महीनों में किराया दरों में 5 से 10 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि चाहती है। इससे उसे 4,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी।
नई दिल्ली: यात्री वर्ग में करीब 20,000 करोड़ रुपये के घाटे में चल रही रेलवे आगामी महीनों में किराया दरों में 5 से 10 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि चाहती है। इससे उसे 4,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी।
इस बीच, रेलवे द्वारा प्रस्तावित रेल शुल्क प्राधिकरण (आरटीए) के व्यापक पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे कैबिनेट के समक्ष जनवरी में रखा जाएगा।
रेल राज्यमंत्री केजे सूर्य प्रकाश रेड्डी ने कहा, रेल बजट (2013-14) में यात्री किरायों में 5 से 10 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि हो सकती है। रेलवे की वित्तीय हालत ठीक नहीं है। हमें धन की जरूरत है, अन्यथा रेलवे को बचाना काफी कठिन होगा।
दूसरे रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी ने भी रेल किरायों में बढ़ोतरी की वकालत की है। उन्होंने कहा, यात्री किरायों में तत्काल वृद्धि की जरूरत है, क्योंकि रेलवे की वित्तीय हालत काफी खस्ता है। इस साल रेलवे को यात्री खंड में 22,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
पिछले साल की तुलना में उसका घाटा 4,000 करोड़ रुपये बढ़ा है। हालांकि, रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, इस बात का अभी निर्णय किया जाना है कि यात्री किरायों में बढ़ोतरी पहले की जाए या फिर इसकी घोषणा रेल बजट में की जाए।