यह ख़बर 12 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

2-जी लाइसेंस रद्द मामले में राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा संदर्भ

खास बातें

  • 2जी स्पेक्ट्रम समेत प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने संदर्भ प्रस्ताव पर दस्तखत कर दिए हैं।
नई दिल्ली:

2जी स्पेक्ट्रम समेत प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने संदर्भ प्रस्ताव पर दस्तखत कर दिए हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मंगलवार शाम को हुई बैठक में 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में एक अहम फैसला लिया था। इस फैसले के तहत सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रद्द किए गए 122 लाइसेंसों के मामले में राष्ट्रपति के जरिए सुप्रीम कोर्ट से स्पष्टीकरण की अपील की जानी थी।

सरकार सुप्रीम कोर्ट के 2 फरवरी को दिए गए उस आदेश को और स्पष्ट करने के लिए राष्ट्रपति की मदद चाहती है जिसमें कहा गया था कि दुलर्भ प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन नीलामी के जरिए ही किया जाना चाहिए।

संविधान के आर्टिकल 143 के तहत ये प्रावधान है कि राष्ट्रपति जनहित के मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर कोर्ट से स्पष्टीकरण मांग सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से पूछा जाएगा कि क्या 2-जी लाइसेंस में दिया गया कोर्ट का यह फैसला हर परिस्थति में लागू होगा।

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अगर कोर्ट का फैसला हर हाल में लागू होगा तो क्या इस आधार पर 1994, 2001, 2003 और 2007 में जारी हुए लाइसेंस भी रद्द किए जाएं। गौरतलब है कि इन सारे सालों में टेलीकॉम लाइसेंस पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए गए थे।