यह ख़बर 07 दिसंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

हालात ऐसे भी नहीं कि हम छिपकलियां खाएं : प्रणब

खास बातें

  • प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था हालांकि कठिन हालात में है लेकिन चीजें ऐसे मुकाम पर भी नहीं पहुंच गई हैं, जहां लोगों को छिपकलियां खाना पड़े।
नई दिल्ली:

वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि अर्थव्यवस्था हालांकि कठिन हालात में है लेकिन चीजें ऐसे मुकाम पर भी नहीं पहुंच गई हैं, जहां लोगों को छिपकलियां खाना पड़े। लोकसभा में 2011-12 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों (सामान्य) के दूसरे हिस्से को लेकर हुई चर्चा के जवाब में मुखर्जी ने कहा, अर्थव्यवस्था मुश्किल हालत में है लेकिन भारतीय अर्थव्ययवस्था के आधारभूत तत्व अभी भी मजबूत हैं। महंगाई के बारे में मुखर्जी ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी 2010 में 22 प्रतिशत थी जो नवंबर 2011 में गिरकर आठ प्रतिशत रह गयी लेकिन इसे पांच से छह प्रतिशत पर लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था मुश्किल स्थिति में है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम ऐसी स्थिति में पंहुच गए हैं कि छिपकलियां खाना शुरू कर दें। मुखर्जी ने कहा कि मंदी के बावजूद बचत दर और निवेश दर 33 से 35 प्रतिशत पर मजबूत बनी रही।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com