यह ख़बर 17 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'भारत उच्च आर्थिक वृद्धि की राह पर बना रहेगा'

खास बातें

  • प्रणब ने विश्वास जताया कि भारत मध्यम से दीर्घकाल में औसतन 8.5 प्रतिशत से 9 प्रतिशत वाषिर्क आर्थिक वृद्धि दर बरकरार रखेगा।
New Delhi:

आर्थिक नरमी के मौजूदा संकेतों बावजूद मंत्री प्रणब मुखर्जी ने विश्वास जताया कि भारत मध्यम से दीर्घकाल में औसतन 8.5 प्रतिशत से 9 प्रतिशत वाषिर्क आर्थिक वृद्धि दर बरकरार रखेगा। यहां एशियायी विकास बैंक और भारत के बीच भागीदारी के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, मध्यम से दीर्घकाल में भारत 8.5 से 9 प्रतिशत की उच्च आर्थिक वृद्धि की राह पर बना रहेगा। पर हमें सावधान रहने और उभरती चुनौतियों का समय रहते उचित समाधान ढूंढने की जरूरत है ताकि हम युवा शक्ति वाले एक तीव्र वृद्धि करने वाले देश की अपनी संभावनाओं का पूरा लाभ उठा सकें। मुखर्जी ने कहा कि कई अन्य देशों की तरह, भारत के लिए भी खाद्य सुरक्षा और कीमतों में उतार-चढ़ाव चिंता का कारण बना हुआ है। हमारा मानना है कि अनाज की उपलब्धता एवं इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव की समस्या का हल कृषि उत्पादन में लगातार वृद्धि करके ही निकाला जा सकता है। ढांचागत क्षेत्र के विकास पर मुखर्जी ने कहा कि यह क्षेत्र उत्पादकता बढ़ाने और वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा, 12वीं पंचवर्षीय योजना में ढांचागत क्षेत्र में 1,000 अरब डॉलर के अनुमानित निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। देश के ढांचागत विकास में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की भूमिका रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इसने ढांचागत क्षेत्र के विकास के लिए निजी.सार्वजनिक साझीदारी में मूल्यवान एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई है। मुखर्जी ने कहा, इस क्षेत्र के लिए जरूरी भारी निवेश को देखते हुए हमें इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपने गठबंधन की गति और बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि ऊर्जा के स्वच्छ एवं वैकल्पिक स्रोतों और प्रौद्योगिकी का विकास करने में एडीबी की मदद से हम सभी मोर्चे पर उर्जा कार्यक्षमता का विस्तार कर सकेंगे।


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