यह ख़बर 23 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

आर्थिक संकट गहराया तो मुद्रा युद्ध का खतरा : मुखर्जी

खास बातें

  • मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाह को आगाह किया कि अगर मौजूदा आर्थिक संकट गहराता है तो मुद्रा युद्ध का खतरा है।
वाशिंगटन:

भारत के वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने गुरूवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाह को आगाह किया कि अगर मौजूदा आर्थिक संकट गहराता है तो मुद्रा युद्ध का खतरा है। मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्यालय में ब्रिक्स देशों के वित्तमंत्रियों के संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस तरह के मुद्रा युद्ध को आपसी बातचीत से ही टाला जा सकता है न कि प्रतिस्पर्धी अमूल्यन से। एक सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा,  हां, अगर संकट और गहराता है और वित्तीय प्रवाह में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है तो इसका (मुद्रा युद्ध) के होने का जोखिम भी बढ़ेगा।  लेकिन हमारे विचार में अगर इस तरह का तनाव सामने आता है तो इसे आपसी बातचीत से शांत किया जाना चाहिए न कि प्रतिस्पर्धी अवमूल्यन से। साथ ही उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में इस्तेमाल की जा रही मुद्राओं को मुद्राकोष के विशेष निकासी अधिकारों के घटक तय करते समय ध्यान में रखा जाए। ब्रिक्स देशों में भारत के अलावा ब्राजील, चीन, रूस व दक्षिण अफ्रीका है।


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