यह ख़बर 30 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

आयकर विभाग एक अप्रैल, 2012 से पहले के मामलों को नहीं खोलेगा : प्रणब

खास बातें

  • प्रणब ने स्पष्ट किया कि आयकर विभाग ऐसे मामलों को फिर नहीं खोलेगा जिनमें आयकर निर्धारण प्रक्रिया एक अप्रैल, 2012 से पहले पूरी हो चुकी है।
नई दिल्ली:

विदेशी निवेशकों की चिंता दूर करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने स्पष्ट किया कि आयकर विभाग ऐसे मामलों को फिर नहीं खोलेगा जिनमें आयकर निर्धारण प्रक्रिया एक अप्रैल, 2012 से पहले पूरी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सर्कुलर जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि 2012-13 के बजट में वोडाफोन अधिग्रहण जैसे सौदों को कर दायरे में लाने के लिए आयकर कानून 1961 में पिछली तिथि से संशोधन किया गया।

प्रणब ने आज यहां सिविक सेंटर स्थित ‘प्रत्यक्ष कर भवन’ का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘मैंने आयकर कानून में पिछली तिथि से संशोधन के बारे में संसद में वादा किया था कि सीबीडीटी स्पष्टीकरण के लिए सर्कुलर जारी करेगा कि जिन मामलों में कर निर्धारण प्रक्रिया को एक अप्रैल 2012 से पहले अंतिम रूप दिया जा चुका है, ऐसे मामलों को फिर से नहीं खोला जाएगा। अब सीबीडीटी ने ऐसा सर्कुलर जारी कर दिया है।’’ वित्त मंत्री ने इस अवसर पर सॉफ्टवेयर पर विभिन्न स्तरों पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) से भी निजात दिए जाने की घोषणा की।

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उन्होंने कहा कि इससे सॉफ्टवेयर वितरण में आने वाले दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘सॉफ्टवेयर पर आयकर कानून की धारा 194 जे के तहत विभिन्न स्तरों पर टीडीएस से बचने के बारे में सर्कुलर जारी करने को मंजूरी दे दी है। इससे सॉफ्टवेयर वितरण की दिक्कतें कम होंगी।’’