खास बातें
- मुखर्जी ने उम्मीद जताई कि इस साल राजकोषीय और राजस्व घाटा बजट अनुमान से कम रहने की उम्मीद है।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने उम्मीद जताई कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बाजार मूल्यों के आधार पर उच्च वृद्धि को देखते हुए इस साल राजकोषीय और राजस्व घाटा बजट अनुमान से कम रहने की उम्मीद है। बजट में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.5 प्रतिशत और राजस्व घाटा 4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के वर्ष 2010-11 के जारी जीडीपी वृद्धि के अग्रिम अनुमान आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मुखर्जी ने कहा कि इन अनुमानों में उत्पादन मूल्य के हिसाब से इस वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि 9.7 प्रतिशत और संसाधन लागत मूल्य पर वृद्धि 8.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मु़खर्जी ने कहा कि इससे केन्द्र की कर वसूली उम्मीद से बेहतर रहने का संकेत मिलता है। कर वसूली के बेहतर प्रदर्शन से राजकोषीय और राजस्व घाटा भी बजट अनुमान से कम रहने की उम्मीद है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि कृषि क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन को विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के सहयोग से वर्ष 2010-11 के दौरान बेहतर आर्थिक वृद्धि पाने में मदद मिली है। निर्माण क्षेत्र में भी गतिविधियां जोर पकडने लगी हैं। मुखर्जी ने कहा कि निजी क्षेत्र के खर्च में आई तेजी और निवेश वृद्धि में सुधार अर्थव्यवस्था के स्वागतयोग्य कदम हैं लेकिन फिर भी वैश्विक वित्तीय संकट से पहले की निवेश वृद्धि हासिल करने में अभी कुछ समय लगेगा। सीएसओ के ताजा आंकड़ों के अनुसार निजी क्षेत्र की खपत में इस साल 8.2 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है जबकि निवेश वृद्धि नौ प्रतिशत के करीब रहने का अनुमान है। दूसरी तरफ सरकारी खर्च मामूली हल्का रहकर 2.6 प्रतिशत बढ़ेगा और निर्यात कारोबार में 12 प्रतिशत की वृद्धि होगी जबकि आयात वृद्धि 6.3 प्रतिशत पर रहेगी।