यह ख़बर 16 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

आम आदमी पर पड़ेगी पेट्रोल कीमतों की मार

खास बातें

  • अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पेट्रोल के दामों में हाल में की गई 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मार आम आदमी पर पड़ेगी।
नई दिल्ली:

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पेट्रोल के दामों में हाल में की गई 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मार आम आदमी पर पड़ेगी। उनका मानना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का कुल मुद्रास्फीति पर सीधा असर कम होगा, पर परिवहन की लागत बढ़ने से अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सीपी चंद्रशेखर ने कहा, पेट्रोल के दाम बढ़ने से परिवहन की लागत बढ़ेगी, जिससे रहन-सहन के खर्च में इजाफा होगा। इससे महंगाई भी बढ़ेगी। पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले शनिवार को पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा, जहां तक पेट्रोल के दामों में वृद्धि का थोक मूल्यों पर असर पड़ने का सवाल है, इससे महंगाई की दर में 0.10 प्रतिशत का इजाफा होगा। चंद्रशेखर ने कहा कि इस साल किसी भी समय महंगाई की दर दो अंक में पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, सरकार पेट्रोल कीमतों में वृद्धि का यह कहकर बचाव कर रही है कि इसका फैसला तेल विपणन कंपनियों ने किया है। यस बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा एम राव ने कहा कि अप्रैल के महंगाई के आंकड़ों के आधार पर देखा जाए, तो पेट्रोल कीमत वृद्धि का कुल मुद्रास्फीति पर 0.10 प्रतिशत का असर पड़ेगा। राव ने कहा कि महंगाई के वर्तमान स्तर को देखते हुए यह नवंबर माह तक उंचे 9 फीसद के स्तर पर बनी रहेगी। हमें लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस साल रेपो दरों में आधा से 0.75 प्रतिशत तक की और वृद्धि करेगा। इसी तरह की राय जाहिर करते हुए जोशी ने कहा कि केंद्रीय बैंक साल के दौरान रेपो दर में आधा प्रतिशत की और बढ़ोतरी करेगा।


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