यह ख़बर 02 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

कृषि क्षेत्र में विदेशी निवेश की जरूरत नहीं : पवार

खास बातें

  • आईसीएआर की वार्षिक आम बैठक के मौके पर पवार ने कहा, कृषि के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की कोई आवश्यकता नहीं है।
New Delhi:

सरकार ने कहा है कि कृषि क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के लिए खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है। कृषि मंत्री शरद पवार ने बुधवार को कहा कि भारत में ज्यादातर किसानों के पास छोटी जोत वाले खेत हैं, ऐसे में कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :एफडीआई: की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का स्वागत किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद :आईसीएआर: की वार्षिक आम बैठक के मौके पर पवार ने कहा, कृषि के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की कोई आवश्यकता नहीं है। हमारे पास 82 से 86 प्रतिशत ऐसे किसान हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से कम की कृषि भूमि है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि कृषि के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने की कोई जरूरत है। उन्होंने कहा, कृषि प्रसंस्करण के क्षेत्र में तो विदेशी निवेश की बात तो समझी जा सकती है, वहां इसका स्वागत है। हम शीत भंडार श्रृंखला और कृषि प्रसंस्करण इकाइयों में एफडीआई का स्वागत करेंगे, लेकिन खेती में नहीं। मौजूदा रबी फसलों की संभावना के बारे में पवार ने कहा कि अभी तक स्थिति काफी उत्साहवर्धक है और देश में गेहूं, दलहन और गन्ने का भारी उत्पादन होगा। मंत्री ने कहा, गेहूं खेती का रकबा पिछले साल से ज्यादा है। वास्तव में इसका रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था और इस वर्ष उत्पादन पिछले साल से भी बेहतर रहेगा। यह पूछने पर कि क्या सरकार 2010-11 के फसल वर्ष :जुलाई-जून: में 8.2 करोड़ टन गेहूं उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करेगी, पवार ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए क्योंकि फसल की स्थिति बेहतर है और इसका रकबा भी पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है। उन्होंने कहा, एक और उपलब्धि यह है कि दलहन खेती का रकबा भी पर्याप्त बढ़ा है और हमें इस वर्ष बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। गन्ने का रकबा भी बढ़ा है और हमें इस साल भी बेहतर गन्ना फसल होने की उम्मीद है। कृषि मंत्रालय की बजट से अपेक्षाओं के बारे में पवार ने कहा, बजट के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। मेरी वित्त मंत्री के साथ विस्तार से चर्चा हुई है। देखें क्या कुछ निकलता है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com