खास बातें
- निर्यातकों को सरकार ने 900 करोड़ के प्रोत्साहन उपायों की घोषणा करते हुए ब्याज सब्सिडी सहित 1700 करोड़ रुपये का दिवाली तोहफा दिया है।
New Delhi: वैश्विक बाजारों में मंदी का सामना कर रहे देश के निर्यातक समुदाय को सरकार ने करीब 900 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन उपायों की घोषणा करते हुए ब्याज सब्सिडी सहित कुल मिलाकर 1700 करोड़ रुपये का दिवाली तोहफा दिया है। रिजर्व बैंक ने हस्तशिल्प, हथकरघा, कालीन और लघु एवं मझौली इकाईयों के लिए पहले ही रुपये में ऋण पर दो प्रतिशत ब्याज सब्सिडी को अमली जामा पहना दिया है। सरकार द्वारा गुरुवार को की गई घोषणाओं और रिजर्व बैंक की ब्याज सब्सिडी सहायता सहित कुल मिलाकर निर्यातकों को दिवाली के मौके पर 1700 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध होगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने 2009 से 2014 तक की विदेश व्यापार नीति की समीक्षा करते हुए कुछ नए उपायों की घोषणा की। जिन नए प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की गई है, उनका लाभ मुख्यतौर पर इंजीनियरिंग सामान, औषधि और रसायन क्षेत्र को उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और स्वतंत्र राष्ट्रकुल देशों के बाजारों में उत्पादों की पहुंच बढ़ाने वालों को विशेष तौर पर प्रोत्साहित किया जाएगा। निर्यातकों को प्रोत्साहन के लिए विशेष बोनस लाभ योजना शुरू की गई है। इस योजना का लाभ विशेषतौर पर इंजीरियरिंग और औषधि तथा रसायन क्षेत्र का दिया गया है। योजना के तहत 50 इंजीनियरिंग एवं औषधि उत्पादों पर निर्यातकों को निर्यात मूल्य का एक प्रतिशत विशेष बोनस लाभ दिया जाएगा। यह लाभ 1 अक्टूबर से मार्च, 2012 की अवधि तक मिलेगा।