यह ख़बर 09 फ़रवरी, 2013 को प्रकाशित हुई थी

छोटे निवेशक को आकर्षित करने को गड़बड़ी रोकें शेयर बाजार : चिदंबरम

खास बातें

  • वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शेयर बाजारों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि छोटे निवेशकों को यदि पूंजी बाजार में वापस लाना है तो उन्हें शेयर सौदों को सरल बनाना होगा और चोरी छिपे भेद जानकार किए जाने वाले कारोबार पर अंकुश लगाना होगा।
मुंबई:

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शेयर बाजारों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि छोटे निवेशकों को यदि पूंजी बाजार में वापस लाना है तो उन्हें शेयर सौदों को सरल बनाना होगा और चोरी छिपे भेद जानकार किए जाने वाले कारोबार पर अंकुश लगाना होगा।

चिदंबरम ने कहा ‘यह जरूरी है कि हम शेयर बाजार कारोबार के बारे में जो एक रहस्य बना हुआ है उसे दूर करें। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बाजार में भेदिया कारोबार जैसी गड़बड़ियों को रोकना होगा। तभी बड़ी संख्या में छोटे और खुदरा निवेशक शेयर बाजार से जुड़ेंगे।’

वित्त मंत्री यहां नए स्टॉक एक्सचेंज एमसीएक्स-एसएक्स का उद्घाटन करने के अवसर पर बोल रहे थे। एमसीएक्स-एसएक्स नया शेयर बाजार है और इसमें सोमवार से खरीद-फरोख्त शुरू होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई और बंबई शेयर बाजार यानी बीएसई के बाद एमसीएक्स-एसएक्स तीसरा प्रमुख शेयर बाजार होगा।

वित्त मंत्री ने सभी शेयर बाजारों को सावधान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सभी वित्तीय उत्पाद सरल होने चाहिए जिससे कि सामान्य निवेशक को भी उन्हें समझने में आसानी हो।

चिदंबरम ने इस बात को स्वीकार किया कि दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की तरह भारतीय शेयर बाजारों में भी गड़बड़ी और बुरा व्यवहार होता है लेकिन उन्होंने इस बात पर खेद भी जताया कि इनमें से कुछ को हमने खोज निकाला लेकिन किसी को भी दंडित नहीं कर पाए।

पूंजी बाजार नियामक सेबी को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि नियामक को शेयर कारोबार में साठगांठ करने वालों से निपटने के लिए नए तरीके खोजने के मामले में एक कदम आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा ‘सच्चाई यह है कि वर्ष 2008 में जो संकट हुआ उससे यह माना जा सकता है कि नए तरीकों और खामियों का लाभ उठाने वाले वास्तव में नियामक से एक कदम आगे चल रहे थे। अमेरिका में उनका मानना है कि नियामक काम के प्रति आखें मूंदे हुए थे।’

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वित्त मंत्री ने कहा कि एमसीएक्स-एसएक्स यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज-स्टॉक एक्सचेंज के शेयर बाजारों की श्रेणी में आने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।