खास बातें
- वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने आयकर अधिकारियों से कहा है कि वे कर आधार बढ़ाने तथा चालू वित्त वर्ष के 6.68 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन लोगों पर नजर रखें जो रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे।
नई दिल्ली: वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने आयकर अधिकारियों से कहा है कि वे कर आधार बढ़ाने तथा चालू वित्त वर्ष के 6.68 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन लोगों पर नजर रखें जो रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे।
चिदंबरम ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के आला अफसरों को संबोधित करते हए कहा, 'कर अधिकारियों को कर आधार और कर संग्रह बढ़ाने के लिए उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं या फिर जिन लोगों ने आयकर रिटर्न भरना बंद कर दिया है।' शीर्ष आयकर अधिकारी दो दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन में यहां एकत्रित हुए हैं। इस दौरान वह कर आधार बढ़ाने तथा राजस्व संग्रहण को मजबूत बनाने के लिए के उपायों पर विचार करेंगे।
वित्तमंत्री ने जोर दिया कि जहां तक कर संग्रहण का सवाल है आधुनिक प्रौद्योगिकी के और बेहतर परिणाम आ सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम सूचना व प्रौद्योगिकी आधारित कर संग्रहण प्रणाली के पक्ष में हैं जो कि हस्तक्षेप व छल-कपट रहित हैं।' उन्होंने कहा कि सीबीडीटी ने आश्वस्त किया है कि वह 2013-14 के लक्ष्य को हासिल करेगा और लक्ष्य से अधिक राजस्व जुटाने का प्रयास करेगा।
सबीडीटी अब उन करदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो रिटर्न दाखिल नहीं करते या जिन्होंने रिटर्न भरना बंद कर दिया हैं। फिलहाल विभाग ने ऐसे 12 लाख लोगों की पहचान की है और 1.75 लाख को पत्र भेजकर उनसे अपनी वास्तविक आय बताते हुए कर भुगतान करने को कहा है।
चिदंबरम ने कहा मजबूत अर्थव्यवस्था के विकास में कर राजस्व की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने मानव संसाधन को बेहतर उपयोग करते हुए कर अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।