ओएनजीसी ने रूस के दूसरे सबसे बड़े तेल क्षेत्र में 15 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी

ओएनजीसी ने रूस के दूसरे सबसे बड़े तेल क्षेत्र में 15 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने रूस के दूसरे सबसे बड़े तेल क्षेत्र वेंकोर में रोसनेफ्ट से 15 प्रतिशत हिस्सेदारी 1.268 अरब डॉलर में खरीदने का समझौता किया है।

तेल उत्खनन कंपनी ओएनजीसी की विदेश इकाई ओएनजीसी विदेश (ओवीएल) ने वेंकोर तेल व गैस फील्ड विकसित करने वाली वेंकोरनेफ्ट में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। वेंकोर रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल और गैस क्षेत्र है जो क्रासनोयक क्षेत्र में तुरखानस्की में स्थित है।

इस क्षेत्र से 2.5 अरब बैरल तेल निकाला जा सकता है। इससे ओवीएल को सालाना 33 लाख टन तेल उत्पादन मिलेगा। ओवीएल ने एक बयान में कहा, कंपनी ने सीएसजेसी वेंकोरनेफ्ट में 15 प्रतिशत तक हिस्सेदारी अधिग्रहण करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। सीएसजेसी वेंकोरनेफ्ट रूसी महासंघ के कानून के तहत स्थापित कंपनी है, जिसके पास वेंकोर फील्ड और नार्थ वेंकोर लाइसेंस का स्वामित्व है।

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रूस की सरकारी कंपनी रोसनेफ्ट के पास वेंकोरनेफ्ट की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस अधिग्रहण को संबद्ध बोर्ड, सरकार और नियामकीय मंजूरियां मिलनी बाकी हैं और इसके 2016 के मध्य तक पूरा होने की संभावना है। यद्यपि ओवीएल और रोसनेफ्ट ने सौदे के मूल्य का खुलासा नहीं किया लेकिन सौदे से जुड़े सूत्रों ने कहा कि ओवीएल करीब 1.268 अरब डॉलर का भुगतान करेगी।