यह ख़बर 21 दिसंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

तेल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त करने पर मिलेगा मृत्युदंड!

खास बातें

  • संसद ने देश में पेट्रोलियम पदार्थों की पाइप लाइनों को क्षतिग्रस्त करने के दोषियों को अधिकतम मृत्यदंड के प्रावधान वाले विधेयक को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी।
नई दिल्ली:

संसद ने देश में पेट्रोलियम पदार्थों की पाइप लाइनों को क्षतिग्रस्त करने के दोषियों को अधिकतम मृत्यदंड के प्रावधान वाले विधेयक को आज अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। आतंकवादी कृत्यों के लिए न्यूनतम दस साल की सजा के प्रावधान वाले पेट्रोलियम और खनिज पाइपलाइन (भूमि के उपयोग के अधिकार का अर्जन) विधेयक को बुधवार को राज्यसभा की ध्वनिमत से मंजूरी मिल गयी। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। उच्च सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने आश्वासन दिया कि सरकार देश में तेल एवं गैस पाइपलाइनों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के इस काम में उन किसानों और लोगों को शामिल करने के सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगी जिनकी भूमि से पाइपलाइन गुजरती है। उन्होंने कहा कि इस मकसद से ग्राम पंचायतों को भी अधिकार देने पर विचार किया जायेगा। विधेयक में आरोपियों पर खुद को निर्दोष साबित करने का जिम्मा डाले जाने पर कुछ सदस्यों द्वारा आपत्ति जताये जाने पर मंत्री ने कहा कि यह प्रावधान के केवल माफिया और तोड़फोड़ करने वालों पर लागू होगा उन्होंने कहा कि दंड के बतौर मौत की सजा का प्रावधान बहुत ही कम मामलों के लिए है। उन्होंने कहा कि किसी पाइपलाइन के साथ छेड़छाड़ के पहली बार किये गये अपराध में छह महीने की सजा होगी लेकिन दोबारा ऐसी की गई गलती पर दंड की मात्रा को बढ़ जायेगी। सिंह ने स्पष्ट किया कि आतंकवादी या नक्सलवादी गिरोहों द्वारा ऐसी वारदात को अंजाम देने की स्थिति में उनके लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की कोशिश होगी कि निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ ऐसी कार्रवाई न होने पायें। असम में आतंकवादी घटनाओं से पाइपलाइनों की तोड़फोड़ के बारे में सदस्यों की धारणा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि आश्चर्यजनक रूप से ज्यादा रिसाव तथा दुरूपयोग के सबसे ज्यादा मामले राजस्थान और हरियाणा में देखने को मिले हैं। पेट्रोलियम राज्य मंत्री ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में ऐसी 18,900 किलोमीटर नई पाइपलाइनों को बिछाया जायेगा। इसके अलावा इन पाइपलाइनों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार किसानों को भी जागरूक बनाने की ओर ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि ऐसी पाइपलाइनों को बिछाने के लिए किये जाने वाले भूमि अधिग्रहण के एवज में किसानों को पर्याप्त रॉयल्टी देने के बारे में भी विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे भूमि अधिग्रहण के लिए पर्याप्त क्षतिपूर्ति राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।


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