यह ख़बर 25 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

महंगे कच्चे तेल से केयर्न इंडिया का मुनाफा दस गुणा बढ़ा

खास बातें

  • केयर्न इंडिया लिमिटेड ने कच्चे तेल के ऊंचे दाम और लगातार बेहतर प्रदर्शन के बल पर समाप्त तिमाही में अपना शुद्ध मुनाफे में दस गुणा से अधिक वृद्धि दिखाई है।
New Delhi:

केयर्न-वेदांता सौदे का केन्द्र बिंदु बनी केयर्न इंडिया लिमिटेड ने कच्चे तेल के ऊंचे दाम और लगातार बेहतर प्रदर्शन के बल पर समाप्त तिमाही में अपना शुद्ध मुनाफे में दस गुणा से अधिक वृद्धि दिखाई है। मार्च 2011 में समाप्त पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा एक साल पहले की इसी अवधि में अर्जित मुनाफे की तुलना में 10 गुणा से भी अधिक बढ़कर 2,457.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मार्च 2010 में समाप्त इसी तिमाही में कंपनी ने 245.19 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया था। ब्रिटेन के एडिनबर्ग स्थित केयर्न एनर्जी पीएलसी की भारतीय इकाई केयर्न इंडिया के लिये राजस्थान तेल क्षेत्र से कच्चे तेल उत्पादन का यह पहला पूर्ण वर्ष रहा है। कंपनी को जनवरी.मार्च के दौरान कच्चे तेल का 94.2 डालर प्रति बैरल का भाव मिला जबकि पिछले साल इसी अवधि में 71 डालर प्रति बैरल के भाव पर कारोबार हुआ था। राजस्थान के तेल ब्लॉक में मंगला सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। वर्तमान में इसमें प्रतिदिन 1,25,000 बैरल तेल का उत्पादन हो रहा है और बिना किसी अतिरिक्त निवेश के यह बढ़कर प्रतिदिन 1,50,000 बैरल उत्पादन कर सकता है। लेकिन तेल मंत्रालय से हरी झंडी नहीं मिलने की वजह से उत्पादन नहीं बढ़ाया गया है। पिछले एक साल से कंपनी इसकी प्रतीक्षा में है लेकिन अज्ञात कारणों से उसे अनुमति नहीं मिली है। मंगला क्षेत्र से उत्पादन की स्थिति संतोषजनक रहने के बाद कंपनी अब राजस्थान के इस क्षेत्र में दूसरे चरण के विकास पर गौर करने लगी है। भाग्यम इस क्षेत्र में दूसरी बड़ी खोज है। इसमें अक्टूबर तक उत्पादन शुरु होने की उम्मीद है और कैलेंडर वर्ष के अंत तक इसके 40,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच जाने की उम्मीद है। इसके बाद केयर्न की एश्वर्या क्षेत्र से भी कच्चे तेल का उत्पादन शुरु करने की योजना है। सरकार से जरुरी मंजूरी मिलने के 14 महीने के भीतर उत्पादन शुरु हो जाएगा।


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