यह ख़बर 18 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'कच्चे तेल के चढ़ते दामों से बढ़ेगी और महंगाई'

खास बातें

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दाम पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत ने कहा है कि इससे दुनियाभर में महंगाई और ज्यादा बढ़ेगी।
नई दिल्ली:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दाम पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत ने कहा है कि इससे दुनियाभर में महंगाई तो बढ़ेगी ही, आर्थिक वृद्धि पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। कच्चे तेल के दाम ढाई साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कुवैत में चौथी एशियाई मंत्रिस्तरीय उर्जा बैठक को संबोधित करते हुए कहा, कच्चे तेल की मौजूदा ऊंची कीमतों से दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी होगी। यह चिंता का विषय है और इससे प्राथमिकता के साथ निपटा जाना चाहिए। सिंह ने कहा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी न केवल भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता की बात है, बल्कि यह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ी चिंता है, जो कि हाल की मंदी से अभी उबरने की प्रक्रिया में हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इस समय 108 से लेकर 110 डॉलर प्रति बैरल के बीच बोले जा रहे हैं। कच्चे तेल के दाम इस ऊंचाई पर रहने से सरकार के समक्ष बड़ी चुनौती है। तेल कंपनियों को नुकसान से बचाने के लिए उसे या तो बड़ी रकम सब्सिडी के रूप में देनी होगी या फिर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के खुदरा दाम बढ़ाने जैसा अलोकप्रिय कदम उठाना होगा। 


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