खास बातें
- ओईसीडी ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो पिछले साल से कम है।
लंदन: आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो पिछले साल से कम है। विकसित एवं विकासशील 34 देशों के इस पेरिस स्थित संगठन का कहना है कि 2011-12 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहेगी जबकि 2010-11 में यह दर 8.6 प्रतिशत रही थी। वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर आठ प्रतिशत रहने का अनुमान है जो बजटीय अनुमान (नौ प्रतिशत) से कम है। इसी तरह भारतीय रिजर्व बंक ने भी ऊंची तेल कीमतों सहित अन्य कारणों के चलते वृद्धि दर आठ प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। ओईसीडी का कहना है कि 2012-13 में वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रहेगी। संगठन का कहना है कि गैर खाद्य उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति दबाव बहुत आम हो गया है। इसके अनुसार खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के उदारीकरण से खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि सरकार बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने पर विचार कर रही है। फिल्हाल केवल एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 51 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति थी।