यह ख़बर 17 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

एनटीपीसी के दो और कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द

खास बातें

  • सरकार ने एनटीपीसी को आवंटित दो और कोयला ब्लॉकों का आवंटन इसका विकास समय पर न किए जाने की वजह से रद्द कर दिया है।
New Delhi:

सरकार ने बिजली क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एनटीपीसी को आवंटित दो और कोयला ब्लॉकों का आवंटन इसका विकास समय पर न किए जाने की वजह से रद्द कर दिया है। इससे पहले कोयला मंत्रालय ने एनटीपीसी को झारखंड में आवंटित तीन कोयला ब्लॉकों का आवंटन गुरुवार को रद्द किया था। कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर डाले गए नोटिस के अनुसार, मंत्रालय का विचार है कि कोयला ब्लॉक का आवंटन पाने वाली कंपनी इनके विकास को लेकर गंभीर नहीं है, इसलिए उसका ब्रह्मनी और चिचड़ो पत्सिमल कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द किया जाता है। एनटीपीसी को दोनों ब्लॉक- झारखंड में ब्रह्मनी और उड़ीसा में चिचड़ो का आवंटन 2006 में किया गया था। एनटीपीसी और कोल इंडिया ने 2009 में एक संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने के लिए करार किया था। इस संयुक्त उद्यम का उद्देश्य बिजली कंपनी की फरक्का और कहलगांव विस्तार परियोजनाओं के लिए कोयला जरूरतों को पूरा करने के लिए इन खदानों का विकास करना था। नोटिस में कहा गया है, हालांकि संयुक्त उद्यम करार पर दस्तखत अक्टूबर, 2009 में किए गए हैं, पर अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। एनटीपीसी ने इस बारे में किसी टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा है कि इन ब्लॉकों को कोल इंडिया द्वारा विकसित किया जाना था। कोयला मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि उसने कुल 14 कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द करने का फैसला किया है। इनमें से पांच ब्लॉक एनटीपीसी के हैं।


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