यह ख़बर 05 जनवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

आर्थिक बुनियाद मजबूत, उदास न हों : टाटा

खास बातें

  • टाटा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता से निराश अथवा उदास होने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि देश की आर्थिक बुनियाद काफी मजबूत हैं।
नई दिल्ली:

सरकार में नीतिगत मोर्चे पर शिथिलता आने के कई उद्योग घरानों की आवाजों के विपरीत देश के प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितता से निराश अथवा उदास होने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि देश की आर्थिक बुनियाद काफी मजबूत हैं।
यहां प्रगति मैदान में आटो एक्सपो 2012 के मौके पर टाटा ने कहा ‘हमें निराशावाद को रोकना होगा, भारत की आर्थिक बुनियाद ठीकठाक है और हमें आर्थिक वृद्धि को उच्चस्तर पर बनाए रखने के लिये प्रयास करनें होंगे।’
टाटा की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उद्योगपतियों पर निशाना साधने के कुछ ही दिन बाद आई है। प्रधानमंत्री ने कुछ ही दिन पहले व्यापार और उद्योग परिषद की बैठक में सरकार के कामकाज के प्रति ‘नकारात्मक टिप्पणियां’ कहने पर उद्योगपतियों को खरी खरी सुनाई थी।
मनमोहन ने कहा था कि उद्योगपतियों की तरफ से नकारात्मक टिप्पणियों की वजह से अनिश्चितता को बढ़ावा मिल रहा है।
टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा अपने उत्तराधिकारी साइरस पी मिस्त्री के साथ गुरुवार को यहां 11वें ऑटो-एक्सपो पहुंचे थे। इस मौके पर टाटा मोटर्स के मंडप में तीन नए वाहनों को पेश किया गया।
टाटा मोटर्स ने यहां अपने स्पोर्ट्स युटिलिटी वीकल (एसयूवी) का नया संस्करण टाटा सफारी स्टार्म, कंपनी का नया हल्का वाणिज्यिक वाहन ‘टाटा अल्ट्रा’ और देश का पहला 5.एक्सल रिजिड ट्रक टाटा एलपीटी 3723 पेश किया। इन वाहनों को वाणिज्यिक तौर पर अगले वित्त वर्ष में बाजार में उतारा जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि कारोबारी धारणा में सुधार के लिए सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए, टाटा ने सुझाव दिया कि सरकार को खर्च बढ़ाने और रोजगार सृजन करने पर काम करना चाहिए जिसमें सख्त मौद्रिक नीति के चलते आंशिक नरमी आ रही है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com