खास बातें
- पीआर कन्सल्टेंसी (जनसम्पर्क परामर्श सेवा) देने वाली कंपनी वैष्णवी ग्रुप की प्रवर्तक नीरा राडिया ने अचानक इस कारोबार को छोड़ने का फैसला किया है।
नई दिल्ली: टाटा समूह और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज कार्पोरेट ग्राहकों के लिए पीआर कन्सल्टेंसी (जनसम्पर्क परामर्श सेवा) देने वाली कंपनी वैष्णवी ग्रुप की प्रवर्तक नीरा राडिया ने अचानक इस कारोबार को छोड़ने का फैसला किया है। नीरा पिछले कुछ समय से 2जी से जुड़े विवाद मामले में खबरों में थी। पिछले साल उनकी बातचीत के टैप मीडिया में लीक होने के बाद वह सुखिर्यों में आई। हालांकि उनके खिलाफ कोई आरोप पत्र नहीं है लेकिन जांच एजेंसी सीबीआई ने उन्हें भी गवाह बनाया है। नीरा ने पीआर कन्सल्टेंसी कारोबार से बयान में कहा, परिवार के प्रति जवाबदेही तथा स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मैंने किसी भी ग्राहक के साथ अनुबंध का नवीनीकरण करने तथा जनसंपर्क परामर्श सेवा कारोबार से हटने का निर्णय किया है। बयान में कहा गया है कि यह कष्टप्रद निर्णय है जिसे बहुत सोच-विचारकर तथा सलाह लेने के बाद किया गया है। इस फैसले पर टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा, टाटा समूह किसी भी ग्राहक के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने के नीरा राडिया के निजी विचार का सम्मान करता है। उन्होंने वैष्णवी को छोटी इकाई से एक बड़ी कंपनी बनाया। उन्होंने हमेशा अपने ग्राहकों की प्राथमिकताओं को अपने निजी एवं पारिवारिक हितों के उपर तरजीह दी। उन्होंने कहा कि टाटा समूह के जनसंपर्क का काम वैष्णवी को 2001 में दिया गया था। तब से कंपनी ने टाटा ब्रांड के निर्माण उल्लेखनीय योगदान दिया है। वैष्णवी का समूह के साथ जुड़ाव संतोषजनक रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के एक प्रवक्ता ने कहा, हमें नीरा राडिया के जनसंपर्क कारोबार से हटने तथा ग्राहकों के साथ अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने के निर्णय पर अफसोस है। प्रवक्ता ने कहा कि हम पिछले करीब तीन साल से साथ काम कर रहे थे। राडिया तथा उनकी टीम के साथ हमारा पेशेवर संबंध अच्छा रहा।