खास बातें
- सरकार ने खुदरा बाजार मूल्यों पर आधारित नया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया, जिसमें एक सूचकांक शहरी क्षेत्र के लिए व दूसरा ग्रामीण क्षेत्र के लिए है।
New Delhi: सरकार ने खुदरा बाजार मूल्यों पर आधारित नया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक शुक्रवार को जारी किया। इसमें एक सूचकांक शहरी क्षेत्र के लिए तथा एक अन्य ग्रामीण क्षेत्र के लिए है। साथ ही दोनों को मिलाकर एक राष्ट्रीय स्तर का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक भी जारी किया गया है। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर इस साल जनवरी महीने में मुद्रास्फीति 6 फीसदी रही। इसमें 2010 की अखिल भारतीय खुदरा कीमतों को तुलना का आधार (100) माना गया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कियान्वयन मंत्रालय के बयान के मुताबिक, चूंकि ये सूचंकाक पहली बार जारी किए गए हैं, अत: सालाना मुद्रास्फीति के आंकड़ों को एकत्रित नहीं किया गया है। नई शृंखला अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) इस साल जनवरी में 106 (अस्थायी आंकड़ा) रहा। सालाना आधार पर पूरे वर्ष के लिए आधार 100 माना गया है। सीपीआई के आधार पर मुद्रास्फीति 6 फीसदी रही, लेकिन सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने कहा कि महंगाई दर का वास्तविक आंकड़ा एक साल की अवधि के बाद ही उपलब्ध होगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीपीआई 107 रहा और शहरी क्षेत्रों के लिए यह 104 रहा।