नई दिल्ली: जब से शार्क टैंक शो (Shark Tank Show) शुरू हुआ तब से इस शो के जजों को अब पहचान कराने की जरूरत नहीं रह गई है. इन्में से एक नमिता थापर (Namita Thapar) हैं. इस शो में नमिता व अन्य जज आए हुए कंटेस्टेंट के लिए रुपये जारी करते हैं. कंडीशन केवल इतनी की उन्हें आए हुए कंटेस्टेंट का आइडिया पसंद आए. शो को काफी सराहा जा रहा है और ऐसे में लोग इस शो के जजों के भी दीवाने हो गए हैं. साथ ही सोशल मीडिया पर इन लोगों को फॉलोइंग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. आज हम बात नमिता थापर की कर रहे हैं जो एमक्योर फार्मास्युटिकल्स की कार्यकारी निदेशक हैं और ऑनलाइन उपलब्ध सामग्री के अनुसार इनकी नेटवर्थ करीब 600 करोड़ रुपये की है.
इस शो की एक बात और गौर करने की है कि ज्यादातर जज शो के दौरान हिंदी में बात करते हैं और इस शो के पापुलेरिटी में हिंदी का भी खासा योगदान है. अमूमन यह माना जाता है कि रईस लोगों के पास समय नहीं होता. संभव है ज्ञान के बाद ही कोई आदमी किसी भी फील्ड में ऊंचाई पर पहुंचता है. लेकिन भाषा का ज्ञान हो यह जरूरी नहीं. भाषा की किसी विधा का ज्ञान हो यह भी जरूरी नहीं है. अमूमन देखा गया है कि समय अभाव के चलते सृजनात्मक कला से सीधा संबंध ऐसे लोगों का खत्म हो जाता है. केवल तारीफ और प्रशंसा के जरिए और प्रदर्शनी में हिस्सा लेकर अपनी इस भूख को पैसे वाले मिटा लेते हैं. लेकिन तमाम व्यस्तताओं को बाद भी यदि कोई सृजन कार्य में लगा हो तो कमाल ही है.
बात जब नमिता की हो रही है तो हम मुद्दे पर सीधे आते हैं. नमिता थापर एक कविता अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की है. इस शानदार कविता के माध्यम ने नमिता थापर ने शो के बारे में बात की है. शो के शार्क्स के बारे में बताया है और बताया है कि कैसे शो देश की तरक्की में भी साझीदार हो रहा है. नए उद्यमियों का मार्ग प्रशस्त हो रहा है और वे अपने जीवन में कामयाबी की राह पर चलने को आतुर हैं.
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