नई दिल्ली:
दिल्ली में जल्द ही वाहन मालिकों को अपने वाहनों में पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) दिखाना होगा। शहर में वाहनों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने इस बारे में सैद्धांतिक फैसला लिया है।
मुख्य सचिव एसके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस बारे में फैसला किया गया। इस बैठक में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। श्रीवास्तव ने बताया कि वाहनों के प्रदूषण की जांच के लिए गठित एक विशेषज्ञ समिति ने सुझाव दिया है कि पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य किया जाए। श्रीवास्तव ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की प्रदूषण पर अंकुश की सिफारिश को पहले ही स्वीकार कर लिया गया है।
उन्होंने संकेत दिया कि इस फैसले को लागू करने में कुछ माह लगेंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार लोगों व अन्य अंशधारकों को इस बारे में शिक्षित करने के लिए पहले अभियान चलाएगी। इससे लोग स्वैच्छिक रूप से इस निर्देश का पालन करने को तत्पर होंगे। श्रीवास्तव ने कहा कि विभिन्न पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों के प्रदूषण की जांच की सुविधा पहले से है।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार इसके लिए और व्यवस्था करेगी। इस फैसले के अनुसार जिन वाहन चालकों के पास पीयूसी नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं मिलेगा। पेट्रोल पंपों के लिए डीजल या पेट्रोल की बिक्री से पहले पीयूसी की जांच करना अनिवार्य होगा।