यह ख़बर 05 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

एक दशक में 50 करोड़ भारतीयों को चाहिए नए मकान

खास बातें

  • यह संख्या इसी अवधि में चीन, उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में नए मकानों की कुल जरूरतों के लगभग बराबर है।
नई दिल्ली:

देश के 50 करोड़ भारतीयों को अगले एक दशक में नए मकानों की जरूरत होगी। यह संख्या इसी अवधि में चीन, उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में नए मकानों की कुल जरूरतों के लगभग बराबर है। यह बात एक नए अध्ययन में कही गई।

रविवार को रिपोर्ट जारी करने के मौके पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के शहरी विकास समिति के अध्यक्ष प्रदीप पुरी ने कहा, "हमें अपने तौर तरीके में बदलाव करना होगा अन्यथा आने वाला कल बेहतर नहीं होगा।"

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'अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर इन इंडिया' शीर्षक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की आबादी 2050 तक बढ़कर 1.7 अरब हो जाएगी और तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण शहरों की आबादी में 90 करोड़ की वृद्धि होगी। साथ ही अभी से एक दशक की अवधि में ही लगभग 50 करोड़ देश वासियों को शहरों में नए मकानों की जरूरत होगी।