यह ख़बर 18 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

चुनौतियों के बाद भी देश की विकास दर 8-9 फीसदी : मोंटेक

खास बातें

  • योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि घरेलू स्तर पर अनेक चुनौतियों के बाद भी देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी की दर से हो सकता है।
न्यूयार्क:

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि घरेलू स्तर पर अनेक चुनौतियों के बाद भी देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी की दर से हो सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक समुदाय से यूरोपीय कर्ज संकट के समाधान और दोहा दौर की व्यापार उदारीकरण की वार्ता को जल्द से जल्द पूरा करने का अनुरोध किया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की 'वैश्विक आर्थिक और वित्तीय हालात 2012' बहस में उन्होंने गुरुवार को कहा, "हमें विश्वास है कि भारत अगले 20 सालों तक आठ से नौ फीसदी की दर से आर्थिक विकास कर सकता है और वह भी समावेशी तरीके से।"

उन्होंने कहा, "घरेलू स्तर पर कई चुनौतियां हैं, लेकिन हमारा विश्वास है कि हम ऐसा कर सकते हैं।" उन्होंने कहा, "इसके लिए हम दूसरों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।"

आर्थिक संकट से पहले पांच साल के दौरान देश की आर्थिक विकास दर औसत नौ फीसदी रही थी और आर्थिक संकट के बाद यह सात फीसदी से थोड़ी अधिक रही है। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि देश का विकास अगले 20 साल तक आठ से नौ फीसदी के बीच रह सकता है और वह भी समावेशी विकास के साथ रह सकता है।"

उन्होंने कहा, "हम जिस आर्थिक समस्या का सामना कर रहे हैं उसे तक तक सुलझाया नहीं जा सकता, जब तक कि विकसित देश आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करें।" इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संघों के कर्ज संकट का जल्द समाधान की जरूरत बताई और कहा कि दुनिया भर में संसाधनों का वितरण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की जरूरत है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

अहलूवालिया ने विश्व व्यापार को और भी उदारीकृत करने के लिए दोहा दौर की वार्ता को जल्द पूरा किए जाने की भी जरूरत बताई। अन्य बातों के साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में प्रमुख विकासशील देशों की सहभागिता बढ़ाने की भी वकालत की।