खास बातें
- योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों को समाज सेवा के लिए छुट्टियां देनी चाहिए।
नई दिल्ली: कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) को नए ढंग से देखने पर जोर देते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने सोमवार को कहा कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों को समाज सेवा के लिए छुट्टियां देनी चाहिए। मध्य प्रदेश फाउंडेशन द्वारा आयोजित अजय मुशरान स्मृति व्याख्यान में आहलूवालिया ने कहा, हमें सीएसआर को नए ढंग से देखने की जरूरत है। सीएसआर कंपनियों द्वारा कमाए गए धन का हस्तांतरण मात्र नहीं है। कंपनियों को समाज सेवा के इच्छुक अपनी कर्मचारियों को एक निश्चित अवधि तक छुट्टियां देनी चाहिए और बाद में वापस आने पर उन्हें फिर से नौकरी पर रख लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएसआर को एक अलग तरह का कर नहीं समझा जाना चाहिए, बल्कि इसे कारपोरेट जगत के लिए समाज के प्रति उनके कर्तव्य का हिस्सा माना जाना चाहिए। आहलूवालिया ने कहा कि 15 से 30 वर्ष की आयुवर्ग देश के मूड को प्रतिबिंबित करता है। हमें इसपर भी पर्याप्त ध्यान देने की जरूरत है।