खास बातें
- सरकार मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) सेवा में उपभोक्ताओं के समक्ष आ रही दिक्कतों को दूर करने का प्रयास कर रही है।
नई दिल्ली: सरकार मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) सेवा में उपभोक्ताओं के समक्ष आ रही दिक्कतों को दूर करने का प्रयास कर रही है। एमएनपी सेवा के तहत ग्राहक अपना फोन नंबर बदले बिना ऑपरेटर बदल सकते हैं। दूरसंचार विभाग के सचिव आर चंद्रशेखर ने कहा, टर्म प्रकोष्ठ को सभी शिकायतों को देखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी ऑपरेटर एमएनपी को लागू करें। वे इस मामले को देखेंगे और जरूरी कदम उठाएंगे। देशभर में एमएनपी सेवा की शुरुआत 20 जनवरी से हुई है। एमएनपी सेवा का फायदा लेने के इच्छुक उपभोक्ताओं की शिकायत है कि दूरसंचार कंपनियों द्वारा कहा जा रहा है कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से उनके आग्रह को पूरा नहीं किया जा सकता। एमएनपी सेवा लेने के लिए ग्राहकों को अधिकतम 19 रुपये का शुल्क देना होगा। ऑपरेटर के पास यह विकल्प है कि वह इस पूरे या कुछ शुल्क को माफ कर दे। हालांकि, किसी भी उपभोक्ता को एमएनपी सेवा का लाभ लेने के लिए एक ऑपरेटर के साथ कम से कम तीन माह तक रहना जरूरी है।